Contact Style About

Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर अयोध्या फोटो , मुख्य मंदिर की विशेषताएं और बहुत कुछ। अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर दिए गए

By ATUL

आज के इस लेख में हम भगवान श्री राम, राम मंदिर अयोध्या (Ram Mandir Ayodhya)और मुख्य मंदिर की विशेषताएं के बारे में विस्तार से जानेगें और साथ में अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर दिए गए। जिन्हें आप याद रखे ये प्रश्न आपसे कोई भी पूछ सकता है और ये होने वाली सरकारी नौकरी (Government Job Exams) के लिए प्रतियोगी परीक्षा में भी आ सकता है।

राम मंदिर का शिलान्यास 05 अगस्त 2020 में हुआ था। राम मन्दिर की स्थापना यानी कि रामलला प्राण प्रतिष्ठा 22 जनवरी 2024 को होगा और भारत के प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी उद्घाटन करेगें। आज यानि 22 जनवरी 2024 के दिन को हम लोग प्राण प्रतिष्ठा आस्था उत्सव के नाम से मना रहे है।

राम मंदिर अयोध्या

Ram Mandir Ayodhya: राम मंदिर अयोध्या फोटो , मुख्य मंदिर की विशेषताएं और बहुत कुछ

राम मंदिर का शिलान्यास 05 अगस्त 2020 में हुआ था इसके शिलान्यास के समय विश्व भर से 155 देशों की पवित्र नदियों से जल लगाया गया था। राम मंदिर का डिजाइन 1990 में बनाया गया था जिसके वास्तुकार चन्द्रकान्ता बी सोमपुरा है। राम मंदिर में जो घंटा लगाया गया उसे जलेसर (एटा) में बनाया गया इसकी वजन 2100 kg.है और यह अष्ठधातु से बना है।

अयोध्या श्री राम मंदिर नागर शैली में बना है। भगवान श्री राम मंदिर की उंचाई 161 फिट है। राम मंदिर को बनने का काम लार्सेन एंड तूर्बो कंपनी ने लिया है। राम मंदिर में भगवान श्री राम जी का शिशु रूप को लगाया गया है। 2.7 एकड़ में भगवान श्री राम जी का राम मंदिर बना है। मंदिर में जो ताला लगेगा वह 400 kg का है और इसकी चाभी 30 kg की है यह अलीगढ़ में बनाया गया है इसे सत्य प्रकाश शर्मा व रुकमणी शर्मा ने बनाया है।

राम मंदिर अयोध्या फोटो

ये है राम मंदिर अयोध्या का फोटो:

 राम मंदिर अयोध्या फोटो
राम मंदिर अयोध्या

राम मंदिर की मुख्य मंदिर की विशेषताएं

  • कुल क्षेत्रफल – 2.7 एकड़
  • कुल निर्मित – 57,400 वर्ग फीट
  • मंदिर की कुल लंबाई – 380 फीट (E-W)
  • मंदिर की कुल चौड़ाई – 250 फीट
  • शिखर सहित कुल ऊंचाई – 161 फिट
  • मंजिलो की कुल संख्या – 3
  • प्रत्येक मंजिल की ऊंचाई – 20 फीट
  • मंदिर के भूतल से स्तंभ – 166
  • मंदिर के प्रथम तल में स्तंभ – 136
  • मंदिर की दूसरी मंजिल में स्तंभ – 90
  • मंदिर में कुल स्तंभ – 392
  • मंदिर में चबूतरे एवं मंडपों की संख्या – 5 (नृत्य मंडल, रंग मंडल, सभा मंडल, प्रार्थना मंडल और कीर्तन मंडल)
  • मंदिर में कुल द्वारों की संख्या – 44
  • मंदिर परिसर कुल क्षेत्रफल – 70 एकड़

राम लला की मूर्ति फोटो

राम लला की मूर्ति फोटो
राम लला की मूर्ति फोटो

राम मंदिर का घंटा

राम मंदिर में लगाने वाला घंटा अष्टधातु (सोना, चांदी, तांबा, जस्ता, सीसा, टिन, लोहा, पारा) से निर्मित है। इसकी वजन 2100 किलोग्राम है। यहाँ घंटा जब बजेगा तो इसकी आवाज 15 किलोमीटर दूर तक सुनाई देगा।

अयोध्या राम मंदिर किसने बनवाया था ?

उज्जैन के चक्रवर्ती सम्राट विक्रमादित्य एक दिन अयोध्या पहुंचे थे, विक्रमादित्य को यहाँ कुछ चमत्कार दिखाई दिया तब उन्होंने खोज शुरू कि और पास के योगी और संतों की कृपा से उन्होंने पता किया कि ये श्रीराम की अवध भूमि है। जिसके बाद संतो के आदेश से विक्रमादित्य ने यहाँ एक भव्य मंदिर के साथ ही कूप, सरोवर, महल बनवाए।

राम नवमी क्यों मनाते है ?

दरअसल शोध से पता चला है कि भगवान राम का जन्म 5114 ईस्वी पूर्व हुआ था। उनके जन्म दिवस को चैत्र मास की नवमी को, राम नवमी के रूप में मनाया जाता है

राम मंदिर का फैसला किस जज ने किया ?

राम मंदिर का फैसला 9 नवंबर 2019 को सुप्रीम कोर्ट की पांच जजों की बेंच ने सुनाया था। इस बेंच का नेतृत्व तत्कालीन चीफ जस्टिस रंजन गोगोई कर रहे थे।

  • चीफ जस्टिस रंजन गोगोई,
  • जस्टिस शरद अरविंद बोबडे,
  • जस्टिस डीवाई चंद्रचूड़,
  • जस्टिस अशोक भूषण,
  • जस्टिस एस. अब्दुल नजीर

राम मंदिर का उद्घाटन कब है ?

राम मंदिर का उद्घाटन 22 जनवरी 2024 को भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्नों के उत्तर दिए गए

प्रश्न 1: राम मंदिर का वास्तुकार कौन है ?

उत्तर: राम मंदिर का वास्तुकार चन्द्रकान्ता बी सोमपुरा है।

प्रश्न 2: अयोध्या राम मंदिर में कितने पिलर है?

उत्तर: अयोध्या राम मंदिर में 392 पिलर है।

प्रश्न 3: अयोध्या के राम मंदिर का निर्माण किस शैली पर किया जा रहा है?

उत्तर: अयोध्या के राम मंदिर का निर्माण नागर शैली पर किया जा रहा है।

अगर आपको यह पोस्ट पसंद आया हो तो आप कृपया करके इसे अपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर करें। अगर आपका कोई सवाल या सुझाव है तो आप नीचे दिए गए Comment Box में जरुर लिखे।

About the author

coming soon

Leave a Comment